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West Bengal Assembly Election 2026: मुर्शिदाबाद में ओवैसी और हुमायूं ने दिखाई अपनी ताकत, लोकसभा चुनाव भी मिलकर लड़ने का किया ऐलान

West Bengal Assembly Election 2026: मुर्शिदाबाद में ओवैसी और हुमायूं ने दिखाई अपनी ताकत, लोकसभा चुनाव भी मिलकर लड़ने का किया ऐलान

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अभिजीत ठाकुर

Published On: Apr 1, 2026, 6:22 PM GMT+0000

Updated On: Apr 6, 2026, 7:51 AM GMT+0000

हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बीच गठबंधन बनाने की कोशिशें आखिरकार कामयाब हो गईं. इस एकजुटता की ताकत बुधवार को मुर्शिदाबाद जिले में साफ दिखी, जहां दोनों नेताओं ने सभा को संबोधित किया और अपनी ताकत दिखाई. दोनों नेताओं ने ममता बनर्जी और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.

ओवैसी ने कहा कि ईद के दिन वोट हासिल करने के लिए ममता बनर्जी ड्रामा करती हैं, दिल में कोई मोहब्बत नहीं है. सिर्फ मुसलमानों का वोट हासिल करना मकसद है. पीएम मोदी और ममता बनर्जी सगे भाई-बहन की तरह हैं. अंदर से एक हैं.

ओवैसी ने ये भी कहा कि वो बंगाल में लोकसभा चुनाव भी हुमायूं कबीर के साथ मिलकर लड़ेंगे, लेकिन सवाल ये है कि ओवैसी ऐसा करके बंगाल में किसका वोट काटेंगे?

लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का किया ऐलान

उन्होंने कहा कि कांग्रेस, लेफ्ट, TMC को वोट देकर मुसलमानों को फायदा नहीं हुआ. बंगाल में हमारे पास लीडरशिप नहीं है. हमें वोट डालने वाली मशीन बना दिया गया. ममता और मोदी नहीं चाहते कि बंगाल में मुस्लिम नेता उभरे. हम दोनों 2029 के लोकसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे.

ओवैसी ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी की खुलकर आलोचना की और दावा किया कि माइनॉरिटी कम्युनिटी सिर्फ वोटिंग मशीन बनकर रह गई है. ओवैसी ने कहा कि हुमायूं कबीर को वोट दें और अपने भाइयों और बच्चों को कामयाब होने में मदद करें. हमें उम्मीद है कि इस बार, पश्चिम बंगाल के मुसलमान और मजबूत होकर उभरेंगे. मैं आपके बीच इसलिए आया हूं ताकि आप लीडर बन सकें, ताकि आप अपनी किस्मत का फैसला खुद कर सकें

बंगाल में मुस्लिमों को लुभाने की कवायद

ओवैसी ने टीएमसी सरकार पर माइनॉरिटी कम्युनिटी की तरक्की को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया. ओवैसी ने कहा, आपमें और मोदी में कोई फर्क नहीं है. आप दोनों नहीं चाहते कि गरीब और लाचार लोगों को आजाद नेता मिले. ममता और मोदी भाई-बहन जैसे हैं. आप उन पर डिपेंड नहीं रह सकते, अगर आपको किसी पर डिपेंड रहना है, तो ओवैसी और मेरे भाई हुमायूं कबीर पर डिपेंड रहें. ममता और मोदी दोनों नहीं चाहते कि बंगाल में मुस्लिम माइनॉरिटी पॉलिटिकल लीडरशिप उभरे.

इस अवसर पर हुमायूं कबीर ने कहा, काफी बहस, आलोचना और तकलीफ के बाद, मैं एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा हूं जहां असदुद्दीन ओवैसी मेरे साथ हैं. मैं उनका शुक्रगुजार हूं. आज, मुख्यमंत्री खुद को मां माटी मानुष कहती हैं, लेकिन उनका लोगों से कोई लेना-देना नहीं है.

संदेश साफ था कि एक बंटा हुआ माइनॉरिटी वोट बैंक जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) का विरोध करेगा, खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिलों के मुस्लिम-बहुल इलाकों में. इन इलाकों में 60 परसेंट से ज्यादा आबादी माइनॉरिटी कम्युनिटी की है और गठबंधन 43 सीटों पर फायदा उठाने की उम्मीद कर रहा है. कबीर को भरोसा है कि वोटर्स का एक बड़ा हिस्सा बाबरी मस्जिद बनाने के उनके विजन और टीएमसी के खिलाफ उनके रुख से सहमत होगा.

 

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